वेदों और पुराणों के अनुसार माना जाता है कि “काश्याम मरणात मुक्तिः” यानि जिसने काशी में अपना देह त्यागा, उसे जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति मिल जाती है. शायद यही कारण है कि सनातन धर्म को मानने वाले बुजुर्ग काशी की पावन धरती पर अपना नश्वर शरीर त्याग करने की इच्छा लिए चले आते हैं। अगर आप किसी कारणवश काशी नहीं आ पाते है तो हम आपका ये काम कर देंगे। कृपया निचे दिया गया फॉर्म भरे हमारे मेंबर शीध्र ही आपसे सम्पर्क करेंगे।